समाजसेवी महावीर जैन का निधन, मरणोपरांत दान की आंखें
डेरा बस्सी के समाजसेवी एवं अरजीनवीश रहे महावीर जैन का शुक्रवार देर रात निधन हो गया। वे 80 वर्ष के थे और बीते कुछ वर्षों से बीमार होने के कारण घर पर ही रहते थे। भारत विकास परिषद के सहयोग से परिवार ने महावीर जैन की मरणोपरांत आंखें दान कराईं।
उनका अंतिम संस्कार डेराबस्सी के राम बाग शमशान घाट पर किया गया। वह अपने पीछे परिवार में पत्नी वीना जैन, इकलौते बेटे विवेक उर्फ सोनू जैन के अलावा तीन बेटियां और पोते पोतियों छोड़ गए हैं। उनके निधन पर विभिन्न सियासी दलों के नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, धार्मिक संगठनों के लोगों ने गहरा दुख व्यक्त किया है। मरणोपरांत भारत विकास परिषद द्वारा परिवार की सहमति और जीएमसीएच सेक्टर 32 की मेडिकल टीम के सहयोग से महावीर जैन की आंखें दान की गई। परिषद के प्रधान उपेश बंसल, पूर्व प्रधान परमजीत सैनी और पूर्व प्रधान बरखाराम ने बताया कि भारत विकास परिषद की प्रेरणा से अब तक 148 लोग नेत्रदान कर चुके हैं जिनके माध्यम से 296 लोगों के अंधकारमय जीवन में उजाला हुआ है।
डेराबस्सी004: समाजसेवी महावीर जैन की पुरानी तस्वीर.
