रतन चोपड़ा उर्फ़ अब्दुल जब्बार खान का निधन हो गया है। इस की जानकारी उन की गोद ली हुई बेटी ने फोन पर दी। बेटी का कहना है की शुक्रवार रात 8 बजे के करीब उन के पिता जी ने मलेरकोटला में अंतिम सांस ली। पिछले 26 वर्षों से रतन चोपड़ा पंचकूला में किराये के एक मकान में रहते थे। उन की माली हालत बहुत ही खराब थी। पिछले कुछ महीनो से वह बीमार चल रहे थे।
रतन चोपड़ा यह उनका फ़िल्मी नाम है असली नाम है अब्दुल जब्बार खान है। 1972 में हिंदी फिल्म आई थी `मोम की गुड़िया' इस फिल्म के यह हीरो थे। साथ में तनूजा थी। आस का पंछी,अनपढ़,आई मिलन की बेला,आप की परछाइयां,अनजाना ,आप आये बहार आई और अवतार जैसी सुपर हिट फिल्मों के निर्माता,निर्देशक मोहन कुमार ने यह फिल्म बनाई थी।फिल्म में प्रेम नाथ,जीवन,ओम प्रकाश,टुनटुन जैसे मशहूर कलाकार थे। फिल्म के गीत भी काफी हिट हुए थे। तो ऐसा काया हुआ की यह कलाकार एक फिल्म के बाद गायब हो गया.जब की मोम की गुड़िया को अच्छी सफलता मिली थी।
अब्दुल जब्बार खान पिछले 26 वर्षों से पंचकूला में रह रहे थे । जीवन की कहानी बॉलिवुड की फिल्मों जैसी ही है।ऊंचा समाना ,जिला करनाल के रहने वाले पंजाब पुलिस में नौकरी करते थे।
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