लॉकडाउन के दौरान ‘सारेगामापा - एक देश एक राग‘
के साथ ज़ी लाया सबसे बड़ी कॉन्टेंट क्रांति
टीवी और डिजिटल प्लेटफाॅम्र्स पर इंडस्ट्री का अपनी तरह का यह पहला प्रयास हुआ जबर्दस्त सफल
ज़ी एवं ज़ी मीडिया के 23 टीवी चैनलों के जरिए भारत के 63.1 मिलियन दर्शकों तक बनाई
पहुंच
सोशल मीडिया प्लेटफॉम्र्स के जरिए दुनिया भर में छुआ कुल 165 मिलियन दर्शकों का आंकड़ा
डिजिटल पर लाइव-ए-थाॅन और टीवी पर काॅन्सर्ट को मिलाकर 45 घंटों से ज्यादा का ताजातरीन कार्यक्रम दिखाया गया, जिसकी शूटिंग घर से की गई थी, और जिसमें 200 से ज्यादा गायकों ने 10 भाषाओं में 600 से ज्यादा परफॉर्मेंस दीं।
ऐसे समय पर जब सारी मानवता पर कोविड-19 महामारी का खतरा मंडरा रहा है, तब संगीत की शक्ति ही ऐसी है जो पूरे देश को एकजुट करके उनका मूड संवार देती है। 25 साल पहले शुरू हुए भारत के सबसे लंबे समय तक चलने वाले नॉन-फिक्शन फ्रेंचाइज़ - ज़ी टीवी के सारेगामापा ने अपनी शुरुआत से ही संगीत की ताकत के जरिए आम आदमी का जीवन संवारा और उन्हें उनकी गायन प्रतिभा दिखाने के लिए देश का सर्वश्रेष्ठ मंच उपलब्ध कराया है। 2020 में जहां सारेगामापा 25 वर्षों का पड़ाव पार कर चुका है, वहीं ज़ी ने अपने विशाल नेटवर्क की ताकत का बेहतर इस्तेमाल करते हुए संगीत के जरिए मानवता को महामारी की निराशा से दूर रखने के लिए एक सराहनीय कदम उठाया। इंडस्ट्री का अपनी तरह का पहला संगीत कार्यक्रम
‘एक देश, एक राग‘, 23 मई को शुरू हुआ था, जिसमें डिजिटल प्लेटफाॅर्म पर 25 घंटे का म्यूज़िक मैराथन हुआ। इसमें ज़ी के 10 फेसबुक पेजों पर देश के अनेक लोकप्रिय गायकों ने विविध संस्कृतियों के सुर, ताल और जज़्बे की झलक दिखाते हुए एक के बाद एक जोरदार परफॉर्मेंस दीं। 25 साल का यह गौरवशाली सफर घर से शूट किए गए एक भव्य फंडरेज़िंग काॅन्सर्ट पर आकर थमा, जिसमें 24 मई को ज़ी एवं ज़ी मीडिया के 23 चैनलों पर इस शो के सबसे मशहूर चेहरों ने लाइव परफाॅर्मेंस दी।
डिजिटल पर लाइव-ए-थाॅन और टीवी पर हुए काॅन्सर्ट को मिलाकर 45 घंटे से ज्यादा का ताजातरीन कार्यक्रम पेश किया गया, जिसकी शूटिंग घर से की गई थी। इसमें 200 से ज्यादा गायकों ने 10 अलग-अलग भाषाओं में 600 से ज्यादा परफॉर्मेंस दी। ‘एक देश एक राग‘ के साथ संगीत की अटूट शक्ति ने अनेक दिलों को छू लिया और इस कार्यक्रम को दुनियाभर के दर्शकों का जबर्दस्त रिस्पाॅन्स मिला। देशभर में टीवी के जरिए 63.1 मिलियन दर्शकों तक यह कार्यक्रम पहुंचा और सोशल मीडिया प्लेटफॉम्र्स पर 10 दिनों तक चला इसका कैंपेन दुनिया भर में 165 मिलियन लोगों ने देखा।
इसे देखने के लिए अकेले ज़ी टीवी के फेसबुक पेज पर ही 58 मिलियन यूज़र्स ने दस्तक दी थी। एक देश एक राग की जबर्दस्त सफलता का श्रेय अलग-अलग क्षेत्र के संगीत दिग्गजों के संयुक्त प्रयासों और उनके संगीत की शानदार विरासत को जाता है। इसमें पंडित जसराज और जैज़ी बी ने क्रमशः अमेरिका और कनाडा से परफॉर्म किया। इसी तरह हरिचरण और हिमेश रेशमिया से लेकर राजेश कृष्णन विजयप्रकाश और दुर्नीबर सहा जैसे गायक इसमें शामिल थे, जिन्होंने एक ही देश में बसे कई ‘भारतों‘ की झलक दिखलाई। ‘एक देश एक राग‘ में परिवार के हर सदस्य के लिए कार्यक्रम शामिल थे, जिसके परफॉर्मर्स में 6 साल की उम्र के सबसे छोटे लिटिल चैम्प से लेकर रोनू मजूमदार, विश्व मोहन भट्ट, कुमार सानू, अल्का याग्निक, शान और कविता कृष्णमूर्ति जैसे दिग्गज फनकार शामिल थे।
टेक्नोलॉजी की क्रांति को किया अनलॉक
इस पूरे कार्यक्रम में ज़ी ने लॉकडाउन के दौरान भी सफलतापूर्वक कॉन्टेंट और टेक्नोलॉजी का
शानदार इस्तेमाल करते हुए डिजिटल से लेकर टीवी तक चला संगीत का यह मैराथाॅन बखूबी प्रस्तुत किया। इस संयुक्त प्रयास की सबसे खूबसूरत बात यह थी कि इसके लिए एक भी व्यक्ति को अपने घर से बाहर नहीं निकलना पड़ा।
अलग-अलग क्षेत्रों के 160 से ज्यादा टीम सदस्यों ने घर से काम करते हुए टेक्नोलॉजी का बेहतरीन इस्तेमाल किया। इसमें न सिर्फ देश बल्कि दुनिया भर के कलाकारों की परफॉर्मेंस को शामिल किया गया, यानी यह राष्ट्रीय एकजुटता सही मायनों में वैश्विक बन गई।
ऑडियो और वीडियो प्रोडक्शन्स के लिए सामान्य प्रक्रिया अपनाते हुए कलाकारों और प्रसारक टीमों का मार्गदर्शन किया गया। इसमें हर जगह उपलब्ध रहने वाले मोबाइल का भी शानदार इस्तेमाल करते हुए दर्शकों को अपने घरों में सुरक्षित रहकर एक लाइव काॅन्सर्ट एंजॉय करने का मौका मिला।
उन्नत किस्म के रिमोट असेस एप्लिकेशन्स के साथ एडिट सिस्टम्स के लिए वर्क फ्रॉम
होम सेटअप लगाए गए, जिसके जरिए सारी टीम ने बिना किसी जनरेशन हानि के अपने
मोबाइल से फुटेजों को दूर-दराज के लोकेशन पर भेजा और इसके बाद इसे प्रसारण के लिए उपयुक्त फॉर्मेट में परिवर्तित किया गया।
‘एक देश एक राग‘ अभियान की सफलता के बारे में बात करते हुए ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज़ लिमिटेड की चीफ कंज्यूमर ऑफिसर प्रत्यूषा अग्रवाल ने कहा, ‘‘एक देश एक राग के निर्माण के पीछे हमारा विचार यह था कि हम क्षेत्रीय सीमाओं से परे संगीत की ताकत के जरिए देश की मनोस्थिति संवारने के लिए लोगों को एकजुट करें और इस तरह से मानवता को अनलॉक करें। टीवी और डिजिटल माध्यम पर 25 घंटे का म्यूज़िक मैराथाॅन करने का यह बड़ा प्रयास टेक्नोलॉजी, क्रिएटिविटी और आपसी सहयोग का एक बेमिसाल संगम है। भारत के सबसे लंबे समय तक चलने वाले सिंगिंग रियलिटी शो के रूप में सारेगामापा ने देश भर के दर्शकों की जिंदगी बदलकर संगीत की ताकत को सेलिब्रेट किया है और इस तरह से कोविड-19 राहत कार्यांे में भी मदद की है। हमारे इस प्रयास को संतोषजनक रिस्पाॅन्स मिला जो हमारी इस फ्रेंचाइज़ की विरासत और देशभर में मौजूद इसके दर्शकों की मजबूत संख्या का प्रमाण है। टीवी और डिजिटल प्लेटफॉम्र्स पर इस कॉन्सर्ट की सफलता हमारी उस विचारधारा का भी प्रतीक है कि साथ मिलकर हम असाधारण होते हैं और सबसे खास बात जरूरत की इस वक्त में हम अपने दर्शकों के साथ खड़े हैं।
फेसबुक इंडिया के डायरेक्टर एवं हेड ऑफ पार्टनरशिप्स मनीष चोपड़ा ने कहा, ‘‘हमें इस बात की खुशी है कि सारेगामापा ने फेसबुक पर इस स्पेशल शो के साथ अपना यह माइलस्टोन साल सेलिब्रेट किया। हमें यह देखकर बड़ी खुशी हुई कि उन्होंने फेसबुक की व्यापक पहुंच का इस्तेमाल करके सभी कलाकारों को साथ लाया, जिससे न सिर्फ लोगों को उनकी पसंद के संगीत से जोड़ा गया, बल्कि इस महामारी से प्रभावित लोगों की मदद के लिए धनराशि भी जुटाई।‘‘
के साथ ज़ी लाया सबसे बड़ी कॉन्टेंट क्रांति
टीवी और डिजिटल प्लेटफाॅम्र्स पर इंडस्ट्री का अपनी तरह का यह पहला प्रयास हुआ जबर्दस्त सफल
ज़ी एवं ज़ी मीडिया के 23 टीवी चैनलों के जरिए भारत के 63.1 मिलियन दर्शकों तक बनाई
पहुंच
सोशल मीडिया प्लेटफॉम्र्स के जरिए दुनिया भर में छुआ कुल 165 मिलियन दर्शकों का आंकड़ा
डिजिटल पर लाइव-ए-थाॅन और टीवी पर काॅन्सर्ट को मिलाकर 45 घंटों से ज्यादा का ताजातरीन कार्यक्रम दिखाया गया, जिसकी शूटिंग घर से की गई थी, और जिसमें 200 से ज्यादा गायकों ने 10 भाषाओं में 600 से ज्यादा परफॉर्मेंस दीं।
ऐसे समय पर जब सारी मानवता पर कोविड-19 महामारी का खतरा मंडरा रहा है, तब संगीत की शक्ति ही ऐसी है जो पूरे देश को एकजुट करके उनका मूड संवार देती है। 25 साल पहले शुरू हुए भारत के सबसे लंबे समय तक चलने वाले नॉन-फिक्शन फ्रेंचाइज़ - ज़ी टीवी के सारेगामापा ने अपनी शुरुआत से ही संगीत की ताकत के जरिए आम आदमी का जीवन संवारा और उन्हें उनकी गायन प्रतिभा दिखाने के लिए देश का सर्वश्रेष्ठ मंच उपलब्ध कराया है। 2020 में जहां सारेगामापा 25 वर्षों का पड़ाव पार कर चुका है, वहीं ज़ी ने अपने विशाल नेटवर्क की ताकत का बेहतर इस्तेमाल करते हुए संगीत के जरिए मानवता को महामारी की निराशा से दूर रखने के लिए एक सराहनीय कदम उठाया। इंडस्ट्री का अपनी तरह का पहला संगीत कार्यक्रम
‘एक देश, एक राग‘, 23 मई को शुरू हुआ था, जिसमें डिजिटल प्लेटफाॅर्म पर 25 घंटे का म्यूज़िक मैराथन हुआ। इसमें ज़ी के 10 फेसबुक पेजों पर देश के अनेक लोकप्रिय गायकों ने विविध संस्कृतियों के सुर, ताल और जज़्बे की झलक दिखाते हुए एक के बाद एक जोरदार परफॉर्मेंस दीं। 25 साल का यह गौरवशाली सफर घर से शूट किए गए एक भव्य फंडरेज़िंग काॅन्सर्ट पर आकर थमा, जिसमें 24 मई को ज़ी एवं ज़ी मीडिया के 23 चैनलों पर इस शो के सबसे मशहूर चेहरों ने लाइव परफाॅर्मेंस दी।
डिजिटल पर लाइव-ए-थाॅन और टीवी पर हुए काॅन्सर्ट को मिलाकर 45 घंटे से ज्यादा का ताजातरीन कार्यक्रम पेश किया गया, जिसकी शूटिंग घर से की गई थी। इसमें 200 से ज्यादा गायकों ने 10 अलग-अलग भाषाओं में 600 से ज्यादा परफॉर्मेंस दी। ‘एक देश एक राग‘ के साथ संगीत की अटूट शक्ति ने अनेक दिलों को छू लिया और इस कार्यक्रम को दुनियाभर के दर्शकों का जबर्दस्त रिस्पाॅन्स मिला। देशभर में टीवी के जरिए 63.1 मिलियन दर्शकों तक यह कार्यक्रम पहुंचा और सोशल मीडिया प्लेटफॉम्र्स पर 10 दिनों तक चला इसका कैंपेन दुनिया भर में 165 मिलियन लोगों ने देखा।
इसे देखने के लिए अकेले ज़ी टीवी के फेसबुक पेज पर ही 58 मिलियन यूज़र्स ने दस्तक दी थी। एक देश एक राग की जबर्दस्त सफलता का श्रेय अलग-अलग क्षेत्र के संगीत दिग्गजों के संयुक्त प्रयासों और उनके संगीत की शानदार विरासत को जाता है। इसमें पंडित जसराज और जैज़ी बी ने क्रमशः अमेरिका और कनाडा से परफॉर्म किया। इसी तरह हरिचरण और हिमेश रेशमिया से लेकर राजेश कृष्णन विजयप्रकाश और दुर्नीबर सहा जैसे गायक इसमें शामिल थे, जिन्होंने एक ही देश में बसे कई ‘भारतों‘ की झलक दिखलाई। ‘एक देश एक राग‘ में परिवार के हर सदस्य के लिए कार्यक्रम शामिल थे, जिसके परफॉर्मर्स में 6 साल की उम्र के सबसे छोटे लिटिल चैम्प से लेकर रोनू मजूमदार, विश्व मोहन भट्ट, कुमार सानू, अल्का याग्निक, शान और कविता कृष्णमूर्ति जैसे दिग्गज फनकार शामिल थे।
टेक्नोलॉजी की क्रांति को किया अनलॉक
इस पूरे कार्यक्रम में ज़ी ने लॉकडाउन के दौरान भी सफलतापूर्वक कॉन्टेंट और टेक्नोलॉजी का
शानदार इस्तेमाल करते हुए डिजिटल से लेकर टीवी तक चला संगीत का यह मैराथाॅन बखूबी प्रस्तुत किया। इस संयुक्त प्रयास की सबसे खूबसूरत बात यह थी कि इसके लिए एक भी व्यक्ति को अपने घर से बाहर नहीं निकलना पड़ा।
अलग-अलग क्षेत्रों के 160 से ज्यादा टीम सदस्यों ने घर से काम करते हुए टेक्नोलॉजी का बेहतरीन इस्तेमाल किया। इसमें न सिर्फ देश बल्कि दुनिया भर के कलाकारों की परफॉर्मेंस को शामिल किया गया, यानी यह राष्ट्रीय एकजुटता सही मायनों में वैश्विक बन गई।
ऑडियो और वीडियो प्रोडक्शन्स के लिए सामान्य प्रक्रिया अपनाते हुए कलाकारों और प्रसारक टीमों का मार्गदर्शन किया गया। इसमें हर जगह उपलब्ध रहने वाले मोबाइल का भी शानदार इस्तेमाल करते हुए दर्शकों को अपने घरों में सुरक्षित रहकर एक लाइव काॅन्सर्ट एंजॉय करने का मौका मिला।
उन्नत किस्म के रिमोट असेस एप्लिकेशन्स के साथ एडिट सिस्टम्स के लिए वर्क फ्रॉम
होम सेटअप लगाए गए, जिसके जरिए सारी टीम ने बिना किसी जनरेशन हानि के अपने
मोबाइल से फुटेजों को दूर-दराज के लोकेशन पर भेजा और इसके बाद इसे प्रसारण के लिए उपयुक्त फॉर्मेट में परिवर्तित किया गया।
‘एक देश एक राग‘ अभियान की सफलता के बारे में बात करते हुए ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज़ लिमिटेड की चीफ कंज्यूमर ऑफिसर प्रत्यूषा अग्रवाल ने कहा, ‘‘एक देश एक राग के निर्माण के पीछे हमारा विचार यह था कि हम क्षेत्रीय सीमाओं से परे संगीत की ताकत के जरिए देश की मनोस्थिति संवारने के लिए लोगों को एकजुट करें और इस तरह से मानवता को अनलॉक करें। टीवी और डिजिटल माध्यम पर 25 घंटे का म्यूज़िक मैराथाॅन करने का यह बड़ा प्रयास टेक्नोलॉजी, क्रिएटिविटी और आपसी सहयोग का एक बेमिसाल संगम है। भारत के सबसे लंबे समय तक चलने वाले सिंगिंग रियलिटी शो के रूप में सारेगामापा ने देश भर के दर्शकों की जिंदगी बदलकर संगीत की ताकत को सेलिब्रेट किया है और इस तरह से कोविड-19 राहत कार्यांे में भी मदद की है। हमारे इस प्रयास को संतोषजनक रिस्पाॅन्स मिला जो हमारी इस फ्रेंचाइज़ की विरासत और देशभर में मौजूद इसके दर्शकों की मजबूत संख्या का प्रमाण है। टीवी और डिजिटल प्लेटफॉम्र्स पर इस कॉन्सर्ट की सफलता हमारी उस विचारधारा का भी प्रतीक है कि साथ मिलकर हम असाधारण होते हैं और सबसे खास बात जरूरत की इस वक्त में हम अपने दर्शकों के साथ खड़े हैं।
फेसबुक इंडिया के डायरेक्टर एवं हेड ऑफ पार्टनरशिप्स मनीष चोपड़ा ने कहा, ‘‘हमें इस बात की खुशी है कि सारेगामापा ने फेसबुक पर इस स्पेशल शो के साथ अपना यह माइलस्टोन साल सेलिब्रेट किया। हमें यह देखकर बड़ी खुशी हुई कि उन्होंने फेसबुक की व्यापक पहुंच का इस्तेमाल करके सभी कलाकारों को साथ लाया, जिससे न सिर्फ लोगों को उनकी पसंद के संगीत से जोड़ा गया, बल्कि इस महामारी से प्रभावित लोगों की मदद के लिए धनराशि भी जुटाई।‘‘
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The filmwala
