8 साल से अस्पताल में पंहुचा रहे हैं गुरुद्वारा का लंगर,
प्रचारित होने की लालसा नहीं
डेराबस्सी
डेराबस्सी सिविल अस्पताल में दोपहर का लंगर बीते 8 साल से गुरुद्वारा बुंगा निहालगढ़ साहब के सेवादार लगातार पहुंच रहे हैं। इस लंगर का फायदा अस्पताल के मरीजों को ही नहीं, उनके तीमारदारों और यहां तक कि अस्पताल के स्टाफ व कर्मियों को भी मिल रहा है। करीब डेढ़ सौ से 200 लोगों का खाना एक मोटरसाइकिल रेहड़ी के जरिए तीन सेवादार सैदपुरा स्थित गुरुद्वारा साहिब से लगातार अस्पताल पहुंचा रहे हैं और लोगों को खुद वितरित भी कर रहे हैं। इन सेवादारों में बलजिंदर सिंह, मोहन बंसी और रणवीर सिंह ने बताया कि रविवार को छोड़कर बाकी सभी दिन अस्पताल में निर्विध्न लंगर पहुंचा जा रहा है।कोरोना काल में कुछ समय के लिए यह लंगर मजबूरन बंद करना पड़ा था परंतु रोज करीब 1:00 बजे उनकी रेहड़ी में दाल रोटी के अलावा कभी-कभी खीर और मीठा प्रसाद भी होता है। उनका कहना था कि लंगर पूरी तरह खत्म होने तक वे लोग अस्पताल में ही बने रहते हैं। पहले यह खाना एक रिक्शा रेहड़ी में लाया जाता था परंतु मोटरसाइकिल रेहड़ी का बंदोबस्त होने के कारण उन्हें अब काफी आराम हो गया है। उनकी सेवा देख हर कोई सेवादारों को दुआएं देकर वाहेगुरु का शुक्राना अदा करता है।
