सुधा वर्मा का स्मरण एवं कहानी संग्रह
*"उड़ान अभी बाक़ी है"* का लोकार्पण
हिन्दी साहित्य में आधुनिकता और आंचलिकता के सेतु के रूप में जानी जाती रही कथा लेखिका *सुधा वर्मा* के कहानी संग्रह *"उड़ान अभी बाकी है"* का लोकार्पण हाल ही में मुंबई के एक सभागार में कथाकार पत्रकार कलाकारों की महती उपस्थिति में किया गया। ओशिवारा, अंधेरी पश्चिम, मुम्बई के व्यंजन हाल में आयोजित लोकार्पण समारोह में सुधा वर्मा और उनके कहानी संग्रह 'उड़ान अभी बाक़ी है' पर सार्थक और संतुलित चर्चा हुई। वरिष्ठ पत्रकार साहित्यकार *विश्वनाथ सचदेव* के हाथों हुए लोकार्पण में उनके साथ कथाकार - पत्रकार *हरीश पाठक* और लेखक-निर्देशक अविनाश दास भी मंच पर उपस्थित थे। तीनों विज्ञजनों ने कहानियों का बहुत सुंदर विश्लेषण किया, सुधा वर्मा को याद किया। मुख्य अतिथि वरिष्ठ कार्टूनिस्ट व साहित्यकार *आबिद सुरती* ने स्वास्थ्य कारणों से नहीं आ सकने की स्थिति में अपना संदेश प्रेषित कर दिया था। अभिनेत्री असीमा भट्ट ने इस संग्रह से एक कहानी *"कायर"* का पाठ भी किया। *रतिका जौहरी* द्वारा गायी सरस्वती वंदना से आरंभ हुए इस कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार *शत्रुघ्न प्रसाद* ने प्रस्तावना पेश की। अंत में अनुमेहा वर्मा ने आभार व्यक्त किया। दूसरे सत्र में आयोजित हिन्दी साहित्य के पितामह कहे जाने वाले *भारतेंदु हरिश्चन्द्र* की जयन्ती पर काव्य संध्या में *व्योमा मिश्रा*, *अर्चना जौहरी*, *राजेश ऋतुपर्ण*, *कमलेश पाठक* और *देवमणि पांडेय* ने काव्य पाठ किया। सुधा वर्मा के परिवार से पति *तेजेश अखौरी*, अनुमेहा वर्मा, चित्रांग वर्मा और मनीष अजवानी उपस्थित थे। सभा संचालन देवमणि पाण्डेय ने किया।
