एनडीआरएफ द्वारा डेरा बस्सी स्थित नेक्टर लाइफ साइंस लिमिटेड में मॉक ड्रिल किया

 एनडीआरएफ द्वारा डेरा बस्सी स्थित नेक्टर लाइफ साइंस लिमिटेड में मॉक ड्रिल किया   

इमरजेंसी में किस तरह से रिस्पांस किया जाए 



डेराबस्सी यहां स्थानीय नेक्टर लाइफ साइंस लिमिटेड में अमोनिया गैस लीकेज के तहत एनडीआरफ द्वारा मॉक ड्रिल किया गया। 7 एनडीआरएफ बठिंडा कमांडेंट द्वारा डेरा बस्सी स्थित नेक्टर लाइफ साइंस लिमिटेड में मॉक ड्रिल किया गया जिसमें कोई इंसीडेंट या एक्सीडेंट होता है तो इमरजेंसी में किस तरह से रिस्पांस किया जाए ।  11:00 बजे फैक्ट्री का एमरजेंसी सायरन बजता हैI  पता चलता है कि अमोनिया गैस का रिसाव हो रहा है । जिससे तुरंत ही फैक्ट्री में काम करने वाले सभी लोग एक खुले स्थान पर इकट्ठे हो जाते हैं इसमें अलग-अलग विभागों के लोगों द्वारा लाइन में खड़े होकर उनकी गिनती की जाती है फिर पता चलता है कि चार लोग अभी भी फैक्ट्री के अंदर हैं।


एनडीआरएफ की टीम द्वारा ऑपरेशन को तुरंत शुरू किया जाता है साथ ही फायर ब्रिगेड को भी फोन कर दिया जाता है। फैक्ट्री में जहां गैस रिसाव हो रहा होता है वहां पानी के लगे हुए फुहारे चला दिए जाते हैं और साथ ही उन चार लोगों को जो फैक्ट्री के अंदर फंसे हुए होते हैं बाहर निकलने का काम शुरू हो जाता है।रेस्कूय टीम पहले हवा का रुख देखती है कियुकी गैस रिसाव में हवा का रुख देख कर ही ओप्रशन शुरू किया जाता हैI दो वर्कर्स को एनडीआरफ द्वारा निकाल कर एंबुलेंस द्वारा अस्पताल पहुंचाया जाता है। कंपनी का भी अपना सेफ्टी सिस्टम काम पर तुरंत लग जाता है और  दो अन्य लोगों को रेस्क्यू कर लिया जाता है। लगभग 8 मिनट के अंदर डेराबस्सी से फैक्ट्री तक फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी पहुंच जाती है और तुरंत ही बचाओ कार्य में लग जाती है। बता दें कि फायर ब्रिगेड की टीम को पहले यह नहीं बताया गया था कि यह मॉक ड्रिल है। 

      यहां पर एनडीआरएफ द्वारा एक प्रदर्शनी भी लगाई गई थी जिसमें उनके द्वारा लाइफ सेविंग और ऑपरेशन में इस्तेमाल किए जाते समान के बारे में भी वहां मौजूद फैक्ट्री के वर्कर्स को जानकारी दी गई और उनको यह भी बताया गया कि किस तरह से आप लोगों ने ऐसे हालातो से निपटना है। एनडीआरएफ की टीम के लीडर सीनियर इंस्पेक्टर बलजीत सिंह इंस्पेक्टर प्यारेलाल और राकेश कुमार थे जबकि इसका सुपरविजन असिस्टेंट कमांडेंट अनिल कुमार द्वारा किया गया । इस अवसर पर डिप्टी डायरेक्टर नरेंद्र पाल सिंह, फायर अफसर महेंद्र पाल और उनकी टीम, फॉरेस्ट विभाग से मैडम मोनिका, जबकि कंपनी की ओर से सीनियर वाइस प्रेसिडेंट पुनीत सूद, प्रेसिडेंट एचपी सिंह, सीनियर जनरल मैनेजर संजय सिंगला, एच आर विभाग से मनीष कुमार, मंजीत सिंह, कुमार सिंह, अनिल राणा और सेफ्टी हेड यशपाल मौजूद थे।



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