भारत के यूके और यूरोप के साथ आधुनिक एफटीए से पंजाब के उद्योगों को होगा बड़ा लाभ : डॉ. सेनु दुग्गल

 भारत के यूके और यूरोप के साथ आधुनिक एफटीए से पंजाब के उद्योगों को होगा बड़ा लाभ : डॉ. सेनु दुग्गल


फिक्की और सीटीआईएल ने पंजाब के उद्योगों के लिए यूके और यूरोपीय बाजारों में निर्यात के अवसरों को बढ़ावा देने हेतु सम्मेलन आयोजित किया


फिक्की पंजाब से निर्यात बढ़ाने के लिए एफटीए का लाभ उठाने संबंधी अध्ययन करेगी



लुधियाना, 13 जून : भारत द्वारा यूनाइटेड किंगडम (यूके), यूरोपीय संघ (ईयू) और यूरोपियन फ्री ट्रेड एसोसिएशन (ईएफटीए) के साथ हाल ही में संपन्न और प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) से पंजाब के निर्यात-उन्मुख उद्योगों को बड़ा लाभ मिलने की संभावना है। यह बात फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) और सेंटर फॉर ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट लॉ (सीटीआईएल) द्वारा लुधियाना में आयोजित एक सम्मेलन में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और नीति निर्माताओं ने कही। सम्मेलन का उद्देश्य भारत के आधुनिक व्यापार समझौतों का लाभ उठाकर निर्यात अवसरों को बढ़ाना और पंजाब को एक अग्रणी निर्यात-आधारित अर्थव्यवस्था के रूप में मजबूत करना था।



कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पंजाब फाइनेंशियल कॉर्पोरेशन की प्रबंध निदेशक डॉ. सेनू दुग्गल आईएएस ने कहा कि पंजाब हमेशा से देश के सबसे उद्यमशील और निर्यात-उन्मुख राज्यों में शामिल रहा है। उन्होंने खेल सामग्री, साइकिल, हैंड टूल्स, इंजीनियरिंग उत्पाद, टेक्सटाइल, कृषि-आधारित खाद्य उत्पाद और फार्मास्यूटिकल्स जैसे क्षेत्रों में पंजाब की ताकत को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि राज्य के कुशल कार्यबल और मजबूत एमएसएमई इकोसिस्टम पंजाब को नए व्यापार अवसरों का लाभ उठाने के लिए पूरी तरह सक्षम बनाते हैं।


सम्मेलन को संबोधित करते हुए चंडीगढ़ स्थित ब्रिटिश डिप्टी कमीशन के डिप्टी हेड ऑफ मिशन अमनदीप ग्रेवाल ने यूके-भारत मुक्त व्यापार समझौते को एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग और मजबूत होगा तथा व्यापार और निवेश के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि यह समझौता भारत और यूनाइटेड किंगडम की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसका उद्देश्य विकास, नवाचार और दीर्घकालिक सहयोग पर आधारित आधुनिक आर्थिक साझेदारी स्थापित करना है। उन्होंने बताया कि भारतीय उत्पादों के लिए यूके द्वारा 99 प्रतिशत टैरिफ लाइनों को उदार बनाने से टेक्सटाइल, चमड़ा, फुटवियर, फूड प्रोसेसिंग, इंजीनियरिंग गुड्स और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्रों के निर्यातकों को बड़े अवसर मिलेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यह समझौता लुधियाना जैसे औद्योगिक केंद्रों और एसएमई उद्योगों के लिए अनुपालन प्रक्रियाओं को सरल बनाने, कस्टम प्रक्रियाओं में सुधार, सीमा पर देरी कम करने और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप व्यवस्था विकसित करने में मदद करेगा।


फिक्की पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के को-चेयर कुणाल यादव ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए इन एफटीए की महत्ता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि फिक्की “पंजाब से निर्यात वृद्धि में तेजी” विषय पर एक अध्ययन करेगी, जिसमें यह दर्शाया जाएगा कि एफटीए का उपयोग कर पंजाब के निर्यात प्रदर्शन को कैसे बढ़ाया जा सकता है। इस अध्ययन की रिपोर्ट पंजाब सरकार को प्रस्तुत की जाएगी।


कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने इस बात पर भी जोर दिया कि एफटीए का पूरा लाभ लेने के लिए पंजाब के उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों, सस्टेनेबिलिटी मानकों तथा सैनिटरी और फाइटोसैनिटरी आवश्यकताओं को अपनाना होगा। प्रस्तुतियों और पैनल चर्चाओं में भारत-यूके एफटीए, भारत-ईएफटीए ट्रेड एंड इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट तथा प्रस्तावित भारत-ईयू एफटीए से उत्पन्न अवसरों और निर्यात प्रतिस्पर्धा बढ़ाने की रणनीतियों पर चर्चा की गई।

सीटीआईएल के अधिकारियों की टीम जिसमें ऋधिश राजवंशी, श्रोणा मान और तन्वी प्रवीण ने यूके, यूरोपीय संघ और ईएफटीए मुक्त व्यापार समझौतों के माध्यम से भारतीय उद्योगों के लिए उभरते अवसरों पर विस्तृत प्रस्तुतियां दीं। उन्होंने बताया कि ये समझौते भारतीय व्यवसायों के लिए निर्यात, निवेश, मैन्युफैक्चरिंग और वैश्विक बाजारों तक पहुंच को बढ़ावा देंगे। साथ ही व्यापारिक उपायों, गैर-टैरिफ बाधाओं और सैनिटरी एवं फाइटोसैनिटरी उपायों पर भी चर्चा की गई।

सम्मेलन को सीटीआईएल के एसोसिएट प्रणव नारंग, उमा इंटरनेशनल के एमडी अजय महाजन, इंटरनेशनल ट्रैक्टर्स लिमिटेड के सीएफओ सुनील कुमार, आरएसआर इंटरनेशनल के निदेशक एवं टेक्सटाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (लुधियाना चैप्टर) के सचिव राजन रिखी, ईसीजीसी के शाखा प्रबंधक संतोष कुमार, कोटक महिंद्रा बैंक के नॉर्थ और ईस्ट रीजनल हेड शिरीष गुप्ता तथा चैंबर ऑफ इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल अंडरटेकिंग्स (सीआईसीयू) पंजाब के अध्यक्ष उपकार सिंह आहूजा ने भी संबोधित किया।

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