श्री गुरु ग्रंथ साहिब का पहला प्रकाश पर्व मनाया गया,
स. बलवंत सिंह अकाली मेमोरियल हॉल का उद्घाटन किया
डेराबस्सी शनिवार को गुरु हरकृष्ण पब्लिक स्कूल में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का पहला प्रकाश पर्व बड़े श्रद्धापूर्वक ढंग से मनाया गया एवं सरदार बलवंत सिंह अकाली मेमोरियल हॉल का उद्घाटन किया गया। इस प्रसन्नता के अवसर पर स्कूल में जपजी साहिब का पाठ करवाया गया, जिसमें स्कूल के अध्यक्ष सरदार सुरिन्दर सिंह विरदी, उपाध्यक्ष सरदार अमृत पाल सिंह, स्कूल के मैनेजर सरदार गुरजीत सिंह एवं प्रबंधक समिति के सदस्य कपूर सिंह, राजीव गाँधी, बलजीत सिंह वालिया, अमृत पाल सिंह मोदी, जगजीत सिंह, हरप्रीत सिंह, नरेंद्र कौर वालिया, स्कूल की प्रधानाचार्या कविता अत्री स्टाफ सहित, स्कूल के सभी छात्र एवं उनके अभिभावक सम्मिलित हुए। इस में बच्चों ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया। छात्रों ने शब्द गायन क के सब को मंत्रमुग्ध कर दिया।
सरदार गुरजीत सिंह ने शबद गायन द्वारा समय बांध दिया। उस समय का वातावरण भक्ति के असीम सागर में हिलोरें लेने लगा और उपस्थित जन समूह मंत्र मुग्ध हो गए। तत्पश्चात सरदार सुरिन्दर सिंह विर्दी ने श्री गुरु ग्रंथ साहब के इतिहास से छात्रों को अवगत करवाते हुए कहा स्कूल के संस्थापक सरदार बलवंत सिंह का उद्देश्य था कि प्रत्येक को शिक्षा प्राप्त हो। उन्होंने वार्षिक परीक्षा परिणाम में कक्षा में प्रथम श्रेणी प्राप्त करने वाले छात्र को यूनिफॉर्म, पुस्तकें, उसकी वार्षिक फीस क्षमा करने का निश्चय किया तो कक्षा में द्वितीय श्रेणी प्राप्त करने वाले छात्र को यूनिफॉर्म और वार्षिक फीस क्षमा करने का निश्चय किया और कक्षा में तृतीय श्रेणी प्राप्त करने वाले विद्यार्थी की वार्षिक फीस आधी करने का निश्चय किया जो कि यह परंपरा अभी तक चल रही है। सरदार कपूर सिंह ने गुरबाणी से संबंधित श्लोकों का उच्चारण करते हुए उनका स्पष्टीकरण भी किया और उच्च विचार, उच्च आचरण करते हुए लक्ष्य तक पहुंचने के मार्ग को भी प्रशस्त किया। बच्चों ने शब्द कीर्तन किया, अरदास की और हुक्मनामा लिया। स्कूल की प्रधानाचार्या श्रीमती कविता अत्री ने स्कूल प्रबंधक समिति के सभी सदस्यों एवं अभिभावकों का हार्दिक अभिनन्दन करते हुए आभार व्यक्त किया और छात्रों को गुरु साहिबान द्वारा दर्शाए मार्ग का अनुसरण करने के लिए प्रेरित किया। तत्पश्चात सभी ने गुरु के अटूट लंगर से प्रसाद लिया, जिसमें स्कूल के छात्रों ने भी सेवा में अपना योगदान दिया।

