हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के लिए डेराबस्सी सबडिवीजन के 24 गांवों से जमीन एक्वायर होगी
दिल्ली-चंडीगढ़-अमृतसर बुलेट ट्रेन चलाने पर आगे बढ़ रहा काम
डेराबस्सी देश में बुलेट ट्रेन का काम तेजी से बढ़ रहा है। सात हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के लिए सर्वे और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट पर काम शुरू हो गया है।जिन में एक दिल्ली-चंडीगढ़-अमृतसर है। परियोजना के अंतर्गत उसको चलने से पहले ओपिनियन सर्वे लिया जा रहा है। क्योंकि यह बुलेट ट्रेन डेरा बस्सी के भी कई गांव के बीच में से होती हुई जाएगी। ट्रैक को बनाने के लिए उससे पहले जहां से यह ट्रेन गुजरेगी उन गांव का ओपिनियन सर्वे किया जा रहा है और उन सभी लोगों से संपर्क किया जा रहा है जिनकी जमीन या खेत सरकार द्वारा एक्वायर किया जाएंगे।
अधिक जानकारी देते हुए रमेश कुमार जो की इंडियन एमेरशन मार्किट रिसर्च से सर्वेयर है उन्होंने बताया कि नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा इस प्रोजेक्ट को लगाया जा रहा है। जिला मोहाली के लगभग 43 गांव की जमीन में से यह बुलेट ट्रेन गुजरेगी। जिन में 24 गांव डेरा बस्सी सब डिवीजन के हैं और बाकी मोहाली और खरड़ के साथ होते हुए आगे अमृतसर को जाएगा। दिल्ली से अमृतसर तक इस हाई स्पीड रेल कॉरिडोर जॉकी 459 किलोमीटर लंबा है और इस पर अधिकतर स्पीड 350 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन दौड़ेगी।दिल्ली से अमृतसर का सफर मात्र दो घंटो में पूरा होगा। 348 के करीब गांव का सर्वे हो रहा है जिसमें हरियाणा के गांव हैं और बाकी पंजाब के गांव शामिल है। डेराबस्सी हल्के के गांव खेलन से शुरू होकर राजापुर, मालन, जोधपुर, सारंगपुर,हंडेसरा, खेड़ी जटा, सिंहपुर, रानी माजरा, बढ़ाना,जौला कलां, मियापुर, भगवासी, मूसापुर, जवाहरपुर, बाकरपुर, महमदपुर, धनौनी, परगपुर, शताबगढ़, बीड छत, दयालपुर, बाकरपुर, रुड़का, कम्बाला, चिल्ला, रायपुर खुर्द और दुरली के क्षेत्र है । बाकी कुछ गांव मोहाली से सटे हुए और खरड़ से सटे हुए भी इसमें शामिल हैं। सर्वे की टीम द्वारा लोगों को इस प्रोजेक्ट की जानकारी दी जा रही है और यह भी बताया जा रहा है कि सरकार द्वारा उनकी एक्वायर की गई जमीन मकान के बदले में कितनी राशि दी जाएगी। इस हाई स्पीड रेलवे ट्रैक जो की जमीन से 18 फुट की ऊंचाई पर होगा। दिल्ली से चलकर अमृतसर के रास्ते 14 स्टेशनों पर यह ट्रेन रुकेगी। जिम चंडीगढ़ भी शामिल है।


