कलर कोडिंग स्टांप पेपर सुविधाओं के बारे जागरूक किया
इंडस्ट्रीज को आ रही परेशानियों पर भी अफसरों से सवाल जबाव किए गए।
डेराबस्सी पंजाब में होने जा रहे राष्ट्रीय उद्योग महाकुंभ को लेकर लघु उद्योग भारती की ओर से उद्योगपितयों की एक बैठक होटल पारस में हुई। इसमें प्रशासन की ओर से डॉक्टर श्रुति शर्मा ने पंजाब सरकार के पोर्टल पर नई इंडस्ट्री लगाने या विस्तार करने के लिए विभिन्न विभागों की 20 दिनों के भीतर सामूहिक परमिशन के लिए लागू की गई कलर काडिंग स्टांप पेपर सुविधा के फायदे व इसका लाभ उठाने की भरसक अपील की। जहां कौशल भारत व कुशल भारत के बैनर तले इंडस्ट्रीज को प्रमोट करने पर जोर दिया गया, वहीं प्रशासनिक स्तर पर इंडस्ट्रीज को आ रही परेशानियों पर भी अफसरों से सवाल जबाव किए गए।
बैठक में एसडीएम हिमांशु गुप्ता, लघुभारती के देवेंदर कौशल, राहुल गुप्ता, विक्रम महाजन, नायब तहसीलदार हरिंदरजीत सिंह पीएसपीसीएल की लालडू डिवीजन के एक्सीयन धीरजपाल भी मौजूद थे। एक्यीयन धीरजपाल से ही पंजाब में सबसे तेजी से बढ़ रहे इंडस्ट्रियल क्लस्टर के तौर पर डेराबस्सी और लालडू इंडस्ट्री में बिजली सप्लाई को लेकर समस्याओं के समाधान बारे सबसे अधिक सवाल जबाव हुए। उद्योगपतियों ने साफ कहा कि बिजली विभाग की लालडू डिवीजन के तहत मुबारकपुर और सैदपुरा ग्रिड ओवरलोड हो चुके हैं और इनसे नई इंडस्ट्रीज इंडस्ट्रीज को अब बिजली का बड़ा कनेक्शन नहीं मिल सकता है। ऐसे में कुड़ांवाला और डेराबस्सी इंडस्ट्रियल फोकल प्वाइंट में दो नए सबस्टेशन लगाने की सख्त जरूरत है।
बरवाला रोड पर भगवानपुर, सैदपुरा, कुड़ांवाला, रामगढ़ रोड पर मुबारिकपुर व मोरठीकरी के अलावा डेराबस्ीस इंडस्ट्रीयल फोकल प्वाइंट व लालडू में बिजली सेवाओं में सुधार के लिए इलेक्ट्रीकल रिस्ट्रक्चरिंग की मांग की गई। गुरजीत कोहली ने कहा कि बिना स्ट्रक्चरल सुधार के नई इंडस्ट्री कैसे आएगी और पुरानी का विस्तार कैसे हो पाएगा। राकेश रतन अग्रवाल ने कहा कि हंसा पार्क के साथ कुडांवाला पंचायत ने बिजली विभाग के नाम करीब 2 एकड़ जगह नए सब स्टेशन के लिए दे दी है। दूसरी लैंड पीएसआईईसी से मिली हुई है। वहां पर सब स्टेशन अभी तक नहीं लग सका है।
उक्त दो सब स्टेशंस का मसला फाइलों और फैसलों के बीच ही घूम रहा है। बरवाला रोड पर बिजली विभाग की केबल नेटवर्क का स्वरूप बेहद खस्ता और लचीला हो गया है जिस पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है। सैदपुरा और मुबारकपुर सबस्टेशंस में ट्रांसफार्मर की कैपेसिटी बढ़ाने को लेकर रिव्यू की जरूरत है। इस इंडस्ट्रियल क्लस्टर में बिजली मेंटेनेंस स्टाफ की काफी शॉर्टेज है। बिजली विभाग का कोई मेंटेनेंस स्टोर भी नहीं है। फॉल्ट आने पर उन्हें छोटे-छोटे उपकरणों के लिए भी मोहाली का रुख करना पड़ता है।
उद्योगपतियों ने कहा कि मेंटेनेंस भी मैनुअल ही हो रही है। कर्मियों को फाल्ट ढूंढने और उसकी रिपेयर के लिए बिजली कर्मियों का काफी समय जाया हो रहा है। उन्हें साइकिल या मोटरसाइकिल पर पोल टू पोल घूम कर पहले फाल्ट ढूंढना पड़ता है। फिर किसी पेड़ की टहनी काटने या रिपेयर के लिए सीढी का बंदोबस्त करना पड़ता है। ऐसे में साल भर से मेंटेनेंस के लिए लिफ्ट लैडर युक्त वाहन मुहैया कराने की मांग की जा रही है ताकि छोटे-मोटे ब्रेकडाउन का समय पर उपचार किया जा सके। इस मौके आशीष कुड़ा, राजकुमार शर्मा, ज्वाइंट सेक्रेट्री भूपेश गर्ग भी मौजूद थे।




