पटना में *"पिया गईले कलकतवा"* का विमोचन
भिखारी ठाकुर के व्यक्तित्व कृतित्व का विवेचन
पटना कालिदास रंगालय में पिछले दिन भोजपुरी कला साहित्य के अप्रतिम चितेरे *भिखारी ठाकुर* के जीवन और उनके रचना संसार को लेकर फिल्मकार *किरणकांत वर्मा* द्वारा लिखी गई पुस्तक कहत भिखारी ठाकुर *"पिया गईले कलकतवा"* का विमोचन साहित्य व कला जगत के विद्वज्जनों के हाथों किया गया । मंच पर डॉ० विन्देश्वर पाठक (संस्थापक, सुलभ इंटरनेशनल), पद्मश्री श्याम शर्मा, श्याम रजक (पूर्व मंत्री), समीक्षक रामवचन राय (एम एल सी), कवि सत्यनारायण, विनय बहादुर सिन्हा (अध्यक्ष, रेड क्रॉस सोसायटी), डॉ० अनिल सुलभ (अध्यक्ष, बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन), विधायक विनोद यादव, प्रो० माया शंकर और फिल्म समीक्षक विनोद अनुपम विशेष रूप से उपस्थित थे। सोमा भारती तथा आज़ाद दक्ष ने मंच संचालन किया।
फिल्म निर्देशक और लेखक किरणकांत वर्मा ने भिखारी ठाकुर के जीवनवृत्त व उनकी लेखकीय दक्षता को सरलता और सरसता के साथ लिखा है। *डॉ० विन्देश्वर पाठक* ने इस अवसर पर स्मरण दिलाया कि *भिखारी ठाकुर* की विलक्षण लेखकीय दक्षता से प्रभावित होकर *राहुल सांकृत्यायन* ने उनको *भोजपुरी साहित्य का शेक्सपीयर* कहा था। वह उच्च स्तर के कवि गीतकार ही नहीं जनमानस के लोकप्रिय कलाकार भी थे।

